सतनामी समाज के गोत्रों का यह विवरण उनके परिवारिक और जातीय संरचनाओं के अंतर्गत आता है। यह सूची विभिन्न गोत्रों और उपनामों को दिखाती है जो सतनामी समाज के लोगों में पाए जाते हैं। इन गोत्रों का प्रयोग सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाने के लिए किया जाता है। प्रत्येक गोत्र की अपनी विशिष्टता होती है और ये समुदाय के अंदर रिश्ते और परिवारों के संबंधों को पहचानने में मदद करते हैं।
यह सूची 60 गोत्रों के नाम बताती है, जिनमें से कुछ प्रमुख गोत्रों के उदाहरण हैं:
सतनामियों का गोत्र वर्णन
1 धृतलहरे 21 चेलक सवाई 41 भुइफोर
2 अजगल्ले 22 जड़कोडि़या 42 भैंसा
3 अरवानी 23 जागड़ा 43 मंडल मरइया
4 आडिल 24 जोलिहा 44 मनघोघर
5 करकल 25 जोगी 45 मनबोहिता
6 कठैइया 26 टड़इया 46 हिरवानी
7 किरही 27 डहरिया 47 जंगरिया
8 बोइर 28 ढीढी 48 सायबंश
9 कुर्रा 29 नौरंग 49 महादेवा
10 कोइल बंश 30 पटेला 50 सांग सुरतान
11 कोठरिया 31 पुरेना 51 सायतोड़
12 कोसरिया 32 ओगर 52 सोनवानी
13 खड़बंघिया 33 बंजारा 53 सोनकेवरा
14 खिलवार 34 बघमार 54 सोनबहरा
15 खंुटी 35 बंधाइया 55 हाड़बंश
16 गहिरवार 36 बरमदेव 56 हिरवानी
17 गुरूपंच 37 बारमतवार 57 जंगरिया
18 गेन्ड्रा 38 बाराभेया 58 सायबंश
19 चन्दनिया 39 बोइरबंश 59 महोदवा
20 चतुर बिदानी 40 भतपहरी 60 नेऊर बंश
1. धृतलहरे, 2. अजगल्ले, 3. अरवानी, 4. आडिल, 5. करकल, 6. कठैइया, 7. किरही, 8. बोइर, 9. कुर्रा, 10. कोइल बंश, और इसी तरह अन्य गोत्र भी सूची में दिए गए हैं।
इन गोत्रों का उपयोग समाज में एकता और पहचान बनाए रखने के लिए किया जाता है, और यह समाज की सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा हो
ते हैं।

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